सफलता के 7 पड़ाव- पहला पड़ाव

यदि आप विजेता बनना चाहते हैं, जीवन में सफल होना चाहते हैं, तो यह निश्चित ध्यान में रखें कि जीवन में सफल होने वाले व्यक्ति, सामान्य व्यक्तियों से कुछ हटकर होते हैं। वे सामान्य व्यक्तियों की तरह, जीवन को व्यर्थ नहीं करते। उनका जीवन सुनियोजित होता है। वे समय का मूल्य समझते हैं। उनमें कुछ ऐसे गुण हैं, जिनसे उनकी विजेता बनने की राह आसान होती है

सफलता का पहला पड़ाव

1. अनुशासित और सुनियोजित जीव

महान् लोगों की जीवनी में एक बात समान होती है कि महान् लोग, अपना जीवन सुनियोजित रखते हैं और अपने जीवन में अनुशासन की महत्वाकांक्षा रखते हैं। है।

अपने व्यक्तित्व और सुनियोजित जीवन से वे ऐसा कुछ कर पाने में सफल हुए, जो सामान्य व्यक्ति सोच भी नहीं सकता। समय का सदुपयोग , सब कार्य समय पर करना , समय व्यर्थ व्यतीत करना , आदि सम्बन्धी सोच उनकी जीवनचर्या में अहम् रही हैं ।

जीवन में विजेता वही है . जिसने स्वयं पर विजय प्राप्त कर ली है ।

महान् दार्शनिक अरस्तू

एक छोटी – सी बात समझ लेनी चाहिए कि सफल या विजयी होने के लिए आपको अन्य से बेहतर होना होगा । स्वयं के विकास हेतु अधिक समय देना होगा । इन सबके लिए अनुशासित एवं सुनियोजित जीवन जीना होगा ।

सभी महान् लोग समझते हैं कि बिना अनुशासन एवं सुनियोजन के वे स्वयं का विकास नहीं कर सकते है कुछ व्यक्ति अनुशासित होने का दिखावा मात्र करते हैं । ध्यान रखें , कृत्रिम अनुशासन , रूखी – सूखी पेड़ की टहनी के समान है , जो निष्प्राण है एवं किसी को सम्बल नहीं दे सकता । कुछ लोग अनुशासन को व्यक्तिगत स्वतन्त्रता का दुश्मन समझते हैं वस्तुतः व्यक्तिगत स्वतन्त्रता का अर्थ मनमौजीपन या अमर्यादित स्वच्छन्दता नहीं है । अनुशासन सफल व्यक्तियों के जीवन का प्रमुख आधार है !

अनुशासन जीवन का नियम है । अनुशासन हमारे जीवन में शक्ति , संयम एवं चरित्र को विकसित करता है । अनुशासन से हममें आत्मविश्वास , आत्म – स्वाभिमान उत्त्पन्न होता है ।

अनुशासन न केवल व्यक्तिगत उन्नति , व्यक्तिगत विकास के लिए प्रेरक है , बल्कि यह समाज एवं राष्ट्र निर्माण को भी गति प्रदान करता है । जीवन को सफल बनाने में आत्मानुशासन अहम् भूमिका निभाता है । अनुशासन एवं सुनियोजन से आपकी योग्यता , दक्षता एवं कुशलता में वृद्धि होती है । अनुशासन से संघर्ष करने की शक्ति प्राप्त होती है । अनुशासन आपको आन्तरिक रूप से दृढ़ और शक्तिशाली बनाता है । एक अनुशासित व्यक्ति , सामान्य व्यक्ति की अपेक्षा निश्चित रूप से ‘ विजय ‘ के अधिक करीब पहुंचता है । जीवन में विजयी एवं सफल होने के लिए , अनुशासन एवं सुनियोजन बहुत महत्त्वपूर्ण है ।

दूसरे पड़ाव की ओर बढ़ें

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