पौधे ऐसे आपने कभी सोचे नहीं होंगे- मांसाहारी पौधे

दोस्तों, प्रकृति सहस्यों से भरी पड़ी है। प्रकृति की विचित्रताओं पर जब विचार किया जाता है तो चौंकने के सिवाय कुछ नहीं कह सकते। वनस्पतियों के इस विचित्र संसार में अनेक आश्चर्यजनक अजूबे भरे पड़े हैं। उन्हीं में से एक अजूबा है मांसाहारी पौधों का अद्भुत संसार! plants पौधे सुन कर आप के मन में हरे भरे सुन्दर पौधा का ख्याल जरूर उठता होगा, मगर आज हम आपको कुछ ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हे सुन कर आप कहेंगे की ऐसा भी possible है! तो चलिए शुरू करते हैं

वीनस फ्लाइ ट्रेप

वानस्पतिक नाम-

डायोनिया मसीपुला (dionaea muscipula)

यह पौधा अमरीका में पाया जाता है। इस पौधे के पत्ते का ऊपरी भाग दो पल्लवों (Flaps) के आकार का होता है और बीच में एंजिसवाले भाग पर छह संवेदक बाल रहते हैं। मधु की तलाश में भटकता हुआ कीड़ा जैसे ही इन बालों को स्पर्श करता है, दोनों पल्लव कसकर बंद हो जाते हैं और कीड़ा इस सुंदर पिंजड़े में बंद हो जाता है। ग्रंथियों से निकला पाचक रस इस कीड़े को सोख लेता हैं। कीड़ा खत्म होने पर पिंजड़ा आप ही आप खुल जाता है।

डार्विन के मतानुसार यह संसार का सबसे अधिक आश्चर्यजनक पौधा है। पेंसिल की नोक अथवा उँगली द्वारा स्पर्श करने पर यह पिंजड़ा बंद नहीं होता, किंतु कीड़ा बैठते ही वह कसकर बंद हो जाता है।

Venus fly trap

यह पौधा मुख्य रूप से अमरीका के कैरोलिना क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके पत्ते दो भागों में बँटे होते हैं और दोनों के मध्य एक उभार होता है, वह दरवाजे के कब्जे की तरह कार्य करता है। पत्ते के दोनों भागों की सतह पर संवेदनशील बाल जैसे रेशे होते हैं। इनमें से किसी को कोई छू ले तो पत्ते के दोनों भाग तुरन्त बन्द हो जाते हैं और कीट को अपने भीतर कैद कर लेते हैं। कीट को पूरा पचाने के पश्चात पत्ते कै दोनों भाग पुनः खुल जाते हैं और अन्य शिकार की प्रतीक्षा करने लगते हैं।

Nepenthese नेपेन्थीस-घटपर्णी पौधे (Pitcher plants)

वानस्पतिक नाम – nepenthes khasiana) नेपन्थिस खासियाना

यह पौधा मुख्यतः असम के खासी पहाड़ियों में पाया जाता है। इस पौधे की पत्ती घट या कलश के रूप में विकसित हो जाती है, जिसके मुँह पर पत्ती का ही एक ढक्कन होता है।इसकी पत्तियों के सिरे पर एक सुराही जैसा आकार होता है। यही इसका फंदा है जिसमें यह कीट-पतंगों को फंसाता है!

nepenthes khasiana
nepenthes khasiana

इस कलश से एक प्रकार का मकरंद (मीठा तरल पदार्थ) निकलता है, जिससे कीट इसकी ओर आकर्षित होते हैं। इसे खाने के लालच में कीट घट के अन्दर उतरते हैं। कलश की तली में पाचक द्रव होता है चिकनी दीवार के कारण ये रेंगकर बाहर भी निकल नहीं पाते।कीट कलश में प्रवेश करते ही फिसलकर उस द्रव में डूबकर मर जाते हैं। इसके तल में रस रहता है जो इन्‍हें जल्‍दी ही पचा जाता है और पचे हुए भाग को इसकी दीवारें सोख लेती हैं। उसके बाद इनका विघटन होता है और पोषक पदार्थ निकलकर द्रव में आ जाते हैं। इसके बाद पत्ती इन्हें सोख लेती है।

3. sundew plant सन ड्यू

वनस्पति नाम-ड्रोसेरा (drosera)

यह एक बहुत सुंदर कीट-भक्षी पौधा (carnivorous plants) शिमला, मसूरी और नैनीताल में उगता है! यह पौधा तालाबों के किनारे पाया जाता है। इस पौधे में गोलाई में पत्तियाँ होती है। इसके पत्तों पर अनेक रेशे निकले रहते हैं, जो एक चिपचिपा रस पैदा करते हैं। जो सूरज की रोशनी में ओस के कणों के समान चमकता है। इन चमकती बूँदों की ओर कीट आकर्षित होते हैं और स्पर्श करते ही चिपक जाते हैं। कीड़ा जैसे ही पत्ते पर बैठता है, संवेदक बाल चौकन्ने हो जाते हैं और मुड़कर कीड़े को पकड़ना शुरू करते तथा पत्ते के निचले भाग में उसे खींचकर ले जाते हैं। अब पत्ते से एक पाचक रस निकलता है जो कीड़े के मांस को घुला देता हैं। इसे फिर पौधे चूस लेते हैं।

स्वादिष्ट कीड़े मिलने पर यह पौधा आवश्यकता से अधिक खा लेता है और तब बीमार पड़ जा सकता है। ऐसी हालत में कुछ समय के लिये यह खाना बंद कर देता है

4. ब्लैडरवटर् (Bladderwort)

वनस्पतिक नाम – यूट्रीकुलेरिया (utricularia)

यह मांसाहारी पौधा भारत के अधिकांश जलाशयों में मिलता है यह बारीक पत्तोंवाला जड़तरहित पौधा है, जो तालाबों में तैरता हुआ पाया जाता है। इसकी कुछ पत्तियाँ फूलकर थैली या ब्लैडर के आकार की हो जाती हैं। प्रत्येक थैली के मुँह के पास एक द्वार रहता है जो केवल अंदर की ओर खुलता है। पूरा पौधा पानी के नीचे रहता है और इसी पत्तियाँ बहुत अधिक होती हैं, इनकी नोक पर थैली जैसी संरचना होती है। इसमें वे सूक्ष्म प्राणी पकड़ लिये जाते हैं जो जलधारा के साथ आते हैं। थैली का खुलना तथा बन्द होना एक वाल्व के द्वारा संचालित होता है।

Bladderwort
utricularia

शिकार के पच जाने के बाद वाल्व खुल जाता है और अगले शिकार को पकड़ने के लिये तैयार हो जाता है। ब्लैडर के मुँह पर संवेदक बाल रहते हैं। पानी में तैरता हुआ कीड़ा इन बालों के स्पर्श में आते ही ब्लैडर के अंदर ढकेल दिया जाता है। द्वार बंद हो जाता है और ब्लैडर के अंदर कैद किया गया कीड़ा मर जाता हैं। पाचक द्रव द्वारा अब इस कीड़े के मांस का शोषण होता है। ब्लैडर की दीवारो पर लगे हुए कई छोटे छोटे बाल रहते हैं, जो ब्लैडर के पानी को बाहर निकाल देते हैं और द्वार फिर से खुल जाता है।

5. WATER WHEEL


वनस्पतिक नाम – एल्ड्रोवांडा वेसिकुलोसा

एक जड़ रहित जलीय पौधा है। अंकुर एक छोटी प्रोटोरूट विकसित करते हैं; हालाँकि, यह आगे और सीनेसिस विकसित करने में विफल रहता है। पौधे में ६-४० सेमी (२-१६ इंच) की लंबाई तक तैरते हुए तने होते हैं। [५] [६] 2–3 मिमी (0.08–0.12) जाल के पत्ते पौधे के केंद्रीय तने के साथ करीब उत्तराधिकार में 5 से 9 के बीच में बढ़ते हैं। वास्तविक जाल पेटीओल्स द्वारा आयोजित किए जाते हैं जो कि थैली में हवा की थैली को रोकते हैं। तने का एक सिरा लगातार बढ़ता रहता है जबकि दूसरा सिरा मर जाता है।

trap:
वास्तविक जाल में दो लोब होते हैं, जो एक साथ मिलकर स्नैप-जाल बनाते हैं जो कि वीनस फ्लाईट्रैप के समान होता है, सिवाय इसके कि यह छोटा और पानी के नीचे स्थित है। ये जाल, जिन्हें घुमाया जाता है ताकि बाहर की ओर खुलने वाला जाल खुल जाए, ट्रिगर बाल के बारीक लेप द्वारा अंदर की तरफ लाइनिंग की जाती है, जलीय अकशेरुकीय पदार्थों के साथ संपर्क करने और उन्हें फँसाने के जवाब में बंद तड़क। इस जाल के बंद होने से 10-20 मिली सेकेंड लगते हैं, यह ट्रैपिंग कम से कम 20 ° C (68 ° F) की गर्म स्थितियों में ही संभव है। प्रत्येक जाल चार और छह से 6-8 मिमी लंबे ब्रिस्टल्स के बीच घिरा हुआ है जो पानी में मलबे द्वारा जाल को ट्रिगर करने से रोकता है।

6. COBRA PLANT-

वनस्पतिक नाम – डार्लिंगटोनिया कैलीफोर्निका (Darlingtonia californica)

COBRA PLANT

यह पादप मुख्यतः उत्तर कैलिफोर्निया एवं ओरिगोन में पाया जाता है। कोबरा इस पौधे का नाम इसलिये पड़ा चूँकि इसकी ट्यूबूलर पत्तियाँ कोबरे के फन के आकार की होती है। पत्ती का ऊपरी भाग फूले हुए गुब्बारे के समान होता है। इसी फूले हुए गुब्बारे के नीचे एक छोटा रास्ता होता है जहाँ पर कीट आकर बैठते हैं तो फँस जाते हैं। इस पौधे की विशेषता है कि यह पादप पाचक एंजाइम्स नहीं पैदा करता जबकि उसके स्थान पर बैक्टीरिया एवं प्रोटोजोआ कैद कीट के पोषक तत्वों को ग्रहण करने में सहायता करते हैं।

7. buttervert – बटरवर्ट्स 

वनस्पतिक नाम – पिंगुइकुला (Pinguicula)

इस पौधे के फूल अत्यधिक सुन्दर एवं आकर्षक होते हैं। इस पौधे की पत्तियाँ चिपचपी एवं ओस के समान द्रव स्रावित करती हैं जिससे कीट इनकी ओर खिंचे चले आते हैं और जैसे ही कीट इन पर बैठता है तो वह चिपक जाता है और किसी भी तरह दोबारा उड़ नहीं सकता है। चिपके हुए कीट का पाचन द्रव कर लेते हैं और उनसे पोषक तत्व मुख्यतः नाइट्रोजन ग्रहण कर ली जाती है।

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