असफलता से कैसे जीते?-असफलता एक चुनौती-asaflta se kaise jeete?-asaflta ak chunauti01

असफलता से कैसे जीतें

How to Overcome Failure - 8 Tips to Follow
Overcome Failure

असफल होने पर क्या करें ?

यह एक महत्त्वपूर्ण प्रश्न है कि असफलता मिलने पर हमें किस तरह से व्यवहार करना चाहिए ? निम्न बिन्दुओं पर गौर करे , विचार करें

~1 असफलता का स्वागत करें …

सफलता की राह में आप चाहे या न चाहे , असफलता मिलती ही है । एक बुद्धिमान व्यक्ति , असफलता को दुत्कारता नहीं है , बल्कि वह उसका स्वागत करता है । असफलता से हमें कुछ महत्त्वपूर्ण शिक्षा मिलती है , सबक मिलते है , हमें अपनी कमियों का पता चलता है । ये जानकारियां हमे भविष्य में आने वाली बड़ी परेशानियों से बचाती है और हमें बड़ी सफलता पाने की ओर अग्रसर करती है ।

~2 असफलताओं से सीखें .

असफलताएँ हमें बुद्धिमान बनाती हैं । असफलताएं हमें जीवन में संघर्ष करने का रास्ता बताती हैं । असफलताओं से हम बहुत कुछ सीखते हैं । हम कितना सीख सकते हैं , कितनी समझदारी से इस पर चिन्तन करते है , कितनी सिद्दत से आत्मविश्लेषण करते हैं , यह आगे बढ़ने के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है । भविष्य की सफलता , वर्तमान की असफलता से ली गई शिक्षा एवं विश्लेषण पर ही निर्भर करती है ।

3. राह मत छोड़ो , बढ़ते जाओ ….

सफलता के बहुत से राही शुरूआत बहुत जोर – शोर से करते हैं । कुछ कदम चलते भी हैं , मेहनत भी करते हैं , बढ़कर बाते भी करते हैं , लेकिन फिर थक कर रास्ता छोड़ देते हैं !आप अपनी राह नहीं छोड़े । हो सकता है सफलता कुछ आपसे 1 ही कदम दूर हो । अत : राह नहीं छोड़े , प्रयास करते रहे और आगे बढ़ते रहें ।

4. अपने उत्साह को बनाकर रखें ..

असफलता आपके उत्साह को यदि कम करती है , तो इसका अर्थ है कि आप असफलता को एक बड़ी दुर्घटना मान रहे हैं । असफलता , सफलता की राह का मात्र एक स्टॉप ही तो है , जो निश्चित रूप से अपरिहार्य है । अत : आप अपने उत्साह को कम न होने दें । साहसी बने , दोगुने उत्साह से पुनः प्रयास करें सफलता आपका वरण करेगी , आप निश्चित ही सफल होगे ।

5. अपने आत्मविश्वास को डिगने न दें

… सफलता हेतु आत्मविश्वास सबसे आवश्यक तत्त्व है । अपने आत्मविश्वास की बनाए रखे । निराश न हो , असफलता को एक सबक के रूप में ले । पूर्ण निष्ठा लगन एवं आत्मविश्वास से पुनः प्रयास करें । सफल व्यक्ति हर स्थिति आत्मविश्वास बनाए रखता है एवं पुनः प्रयास करता है और निश्चित रूप से सफल होता है

6. स्वयं को कोसें नहीं , पुनः प्रयास करें …

 Try Again
Try Again

बहुत से व्यक्ति असफल होने पर , स्वयं को कोसने लगते है , उन्हें दुनिया की सारी कमियाँ स्वयं में नजर आने लगती हैं । वे स्वयं की निर्णय क्षमता और योग्यता पर विश्वास खोने लगते हैं , जबकि असफलता हेतु विभिन्न परिस्थितियाँ व अन्य कारक जिम्मेदार होते हैं । कुछ लोग स्वयं को भाग्यहीन समझकर प्रयास छोड़ देते हैं । याद रखें , आपके द्वारा प्रयास छोड़ने का अर्थ , हमेशा के लिए , असफल होकर बैठ जाना है , जबकि प्रयासरत व्यक्ति निश्चित ही सफलता पाता है । जीवन में असफलता का सामना होने पर स्वयं को कोसना नहीं चाहिए , बल्कि पूर्ण संकल्पित होकर , पूर्ण साहस एवं आत्मविश्वास से पुनः प्रयास करना चाहिए ।

How to Overcome Failure in NEET, IIT-JEE and Other Entrance Exams |
असफलता से कैसे जीतें

आरिवर हम असफल क्यों होते हैं ?

इस प्रश्न का उत्तर , अलग – अलग सोच के व्यक्ति अलग – अलग प्रकार से देते है । भाग्यवादी अपनी असफलता के लिए , भाग्यहीनता को जिम्मेवार ठहराता है , कमजोर संकल्प का व्यक्ति , विभिन्न प्रकार की परिस्थितियों को जिम्मेवार मानता है , जबकि दृढ़ संकल्पित व्यक्ति , अपनी असफलता के लिए स्वयं को जिम्मेवार मानता है ।

सामान्यतया मानव प्रवृत्ति में स्वयं की कमियाँ देखने की आदत नहीं होती , बल्कि वह हर असफलता के लिए किसी – न – किसी को दोषी ठहराना चाहता है । सफलता हेतु वस्तुत : जितना प्रयास एवं जितनी मेहनत करने की आवश्यकता होती है , उतनी मेहनत अधिकांश व्यक्ति नहीं कर पाते हैं , इसलिए असफल व्यक्तियों की संख्या , सफल व्यक्तियों से अधिक होती है । जब भी सफलता , असफलता की चर्चा होती है , असफल व्यक्तियों की संख्या अधिक होने के कारण अधिकतर बात भाग्यहीनता पर आकर टिक जाती है । ऐसे लोग स्वयं की असफलता के लिए ऐसी परिस्थितियों का बयान करते हैं , जिससे एक सुर में असफलता के लिए भाग्य या स्वयं के दुर्भाग्यशाली होने को जिम्मेवार ठहराया जा सके ।

आप कभी इस बिन्दु पर गौर करें , तो इस तरह की चर्चा में सफल व्यक्तियों द्वारा कम तर्क दिए जाते हैं , उनके द्वारा इस चर्चा में उतने सक्रिय रूप से भाग नहीं लिया जाता है , जितनी सक्रियता से असफल व्यक्ति , ऐसी चर्चा में भाग लेते हैं । हमें भाग्य की सत्ता को नकारने की आवश्यकता नहीं है , लेकिन भाग्य के कारण ही सफलता या असफलता मिल जाने की कल्पना करना , ऐसी धारणा बनाना नितान्त अतार्किक एवं गलत सोच है । व्यक्ति को अपने पुरुषार्थ पर विश्वास रखना चाहिए । एक कर्मठ , मेहनतकश और संकल्पित व्यक्ति यदि असफल होता है , तो उसे अपनी रीति – नीति का विश्लेषण करना चाहिए , अन्य के परिप्रेक्ष्य में स्वयं की तैयारियों का आकलन करना चाहिए । यदि यह विश्लेषण या आकलन पूरी ईमानदारी से किया जाए , तो अपनी असफलता के कारणों एवं कारकों का सही ज्ञान हो जाएगा ।

असफलता :प्रमुख कारण एवं कारक

सामान्यतया व्यक्ति के असफल होने या लक्ष्य से भटकने में कुछ प्रमुख कारको या कारणों की कमी होना भी है । असफलता के भागी कुछ प्रमुख कारण या कारक निम्नलिखित है 1 लक्ष्यहीनता यानि उद्देश्य एवं दिशा का अभाव अधिकांश व्यक्तियों के जीवन के लण्य और उद्देश्यों के बारे में यदि आप….

continue reading…….part 2

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