samvibhav prashtha-equipotential surface in hindi

नमस्कार दोस्तों आज हम जानने वाले है समविभव पृष्ठ के बारे में यह टॉपिक क्लास 12 के भौतिकी से जुड़ा है जोकि वैद्युत विभव का एक महत्वपूर्ण टॉपिक है दोस्तों ये टॉपिक आपको हिंदी और इंग्लिश दोनों में उपलब्ध करा रहे हैं तो चलिए जानते है की समविभव पृष्ठ क्या है

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IN HINDI-

समविभव पृष्ठ

दो समान आवेशों के कारण उत्पन्न समविभव रेखाएँ (लाल) तथा क्षेत्र रेखाएँ (काली)
दो समान आवेशों के कारण उत्पन्न समविभव रेखाएँ (लाल) तथा क्षेत्र रेखाएँ (काली)

समविभव पृष्ठ ( Equipotential Surfaces )- वैद्युत क्षेत्र में खींचा गया वह पृष्ठ जिस पर स्थित सभी बिन्दुओं का विभव समान हो , समविभव पृष्ठ ( equipotential surface ) कहलाता है ।

किसी एकल आवेश q के लिए विभव नीचे दी हुई समीकरण के द्वारा बताया गया है-V = kq/r ( जहां k = 1/(4(pi)e0) है )

इससे यह प्रकट होता है कि यदि r नियत है तो V नियत रहता है। इस प्रकार किसी भी एकल आवेश के लिए समविभव पृष्ठ संकेंद्रित गोले होते हैं जिनके केंद्र पर वह आवेश स्थित होता है।  

समविभव पृष्ठ सम्बन्धी महत्वपूर्ण बिन्दु निम्न है

1. समविभव पृष्ठ के किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर शून्य होता है , अतः किसी समविभव पृष्ठ पर आवेश को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में किया गया कार्य शून्य होता है ।

2. समविभव पृष्ठ के प्रत्येक बिन्दु पर वैद्युत क्षेत्र ( अथवा वैद्युत बल रेखा ) की दिशा पृष्ठ के अभिलम्बवत् होती है ( यदि ऐसा न हो तो पृष्ठ के अनुदिश वैद्युत क्षेत्र का घटक होगा . अतः पृष्ठ पर किसी आवेश को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में कार्य करना होगा ) ।

3. दो समविभव पृष्ठ परस्पर कभी नहीं काट सकते ( अन्यथा प्रतिच्छेदन बिन्दु पर विभव के दो मान हो जायेंगे जो कि सम्भव नहीं है ) ।

4. समविभव पृष्ठ द्विविमीय अथवा त्रिविमीय पृष्ठ हो सकता है

equipotential surface

( i ) किसी बिन्दु आवेश के कारण यदि r नियत है तो v भी नियत होगा । अत : किसी बिन्दु आवेश को केन्द्र मानकर खींचा गया प्रत्येक गोलीय पृष्ठ समविभव पृष्ठ होता है

ii ) किसी रेखीय आवेश को अब मानकर बेलनाकार पृष्ठ समविभव पृष्ठ होता है

( iii ) एकसमान वैद्युत क्षेत्र में वैद्युत बल रेखाओं के अभिलम्बवत् खींचा गया समतल पृष्ठ समविभव पृष्ट होता है

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in ENGLISH-

DEFINITION-

equipotential surface

Equipotential Surfaces- A page drawn in the electric field on which all points have the same potential is called an equipotential surface.

The critical points of the equipotential surface are as follows

1. The potential difference between any two points of the equipotential page is zero, so the work done to move the charge from one point to another on an equipotential page is zero.

2. The direction of the electric field (or electrical force line) at each point of the equipotential surface is perpendicular to the page (if it is not so, it will be the component of the electric field along the page. So any charge on the page is from one point to another. Have to work in carrying).

3. The two equipotential pages can never cross (otherwise there will be two values ​​of potential at the intersection point, which is not possible).

4. The equipotential surface can be two-dimensional or three-dimensional page.

(i) Due to any point charge,, if r is fixed, v will also be fixed. Thus, every spherical surface drawn with a point charge as center is a potential page

(ii) A linear charge now assumed to be a cylindrical surface is a capacitance page

(iii) A plane surface is a plane page drawn perpendicular the electrical force lines in a uniform electrical field

to doston kaisi lagi aajki hamari post….coment kar bataye or koi sujhav ya demand ho to use bhi comment kar jaroor batayein….

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